डीवीसी डीएसटीपीएस में नराकास स्तरीय राजभाषा तकनीकी संगोष्ठी संपन्न डिजिटल युग में अनुवाद के तकनीकी नवाचार और मानवीय संवेदनशीलता पर हुआ गहन मंथन



अंडाल : राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति, दामोदर घाटी निगम, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, अंडाल के द्वारा 30 सितंबर, 2026 को अंतराष्ट्रीय अनुवाद दिवस-2026 के उपलक्ष्य में दुर्गापुर के नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) स्तरीय एक दिवसीय राजभाषा तकनीकी संगोष्ठी का भव्य आयोजन डीएसटीपीएस स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में किया गया। इस राजभाषा तकनीकी संगोष्ठी का मुख्य विषय 'डिजिटल युग में अनुवाद: राजभाषा हिंदी के संदर्भ में चुनौतियाँ, तकनीकी नवाचार और मानवीय संवेदनशीलता' रहा।कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सुमधुर गायन, पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और डीवीसी गीत की प्रस्तुति के साथ हुआ। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों का उत्तरीय, हरी पौध व राजभाषा प्रशस्ति-फलक भेंट कर औपचारिक आतिथ्य-सत्कार किया गया। तदुपरांत माननीय अतिथियों के कर-कमलों से अनुवाद पर भाषाविदों के विचार तथा राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित स्थापित जाँच-बिंदुओं पर आधारित 03 बड़े आकार के रंगीन राजभाषा पोस्टरों का लोकार्पण किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का गरिमामयी मंच संचालन हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।उद्घाटन सत्र में डीएसटीपीएस के वरिष्ठ महाप्रबंधक (परिचालन व अनुरक्षण) श्री सुखदेव खाँ ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों और विभिन्न सदस्य संस्थानों से आए प्रतिनिधियों का आत्मीय अभिनंदन किया तथा राजभाषा के प्रसार में सामूहिक सहभागिता के महत्व पर बल दिया। डीवीसी, डीएसटीपीएस के अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस की शुभकामनाऍं ज्ञापित करते हुए मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने अपने प्रभावी उद्गार में कहा कि डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्य को गति अवश्य देते हैं, परंतु भाषा के संदर्भ, मर्म और आत्मा को अक्षुण्ण रखने के लिए मानवीय संवेदनशीलता अपरिहार्य है। उन्होंने नराकास के सक्षम नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि सभी सदस्य संस्थानों के समन्वित प्रयासों से यह नराकास आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कीर्तिमान स्थापित करेगी।समारोह के मंचासीन अतिथि राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई), दुर्गापुर के निदेशक एवं संस्थान प्रमुख डॉ. एन. के. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि अनुवाद ज्ञान और संचार का सशक्त सेतु है, और डिजिटल क्रांति के इस दौर में अनुवादकों की भूमिका तकनीकी रूप से और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एनपीटीआई के निदेशक श्री मनोज कुमार झा, सीएसआईआर-सीएमईआरआई, दुर्गापुर के वैज्ञानिक-ई डॉ. सत्य प्रकाश सिंह, डीएसटीपीएस के महाप्रबंधक (अनुरक्षण) श्री सत्य रंजन पांडा तथा महाप्रबंधक (परिचालन) श्रीमती अरुंधती मुखर्जी ने भी अपने सारगर्भित संबोधनों में प्रशासनिक व तकनीकी कार्यप्रणाली में आधुनिक भाषा-प्रौद्योगिकी के संतुलित व व्यावहारिक उपयोग पर विचार साझा किए।नराकास सचिवालय (दुर्गापुर इस्पात संयंत्र) के वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. आशुतोष तिवारी ने राजभाषा तकनीकी संगोष्ठी के विषय की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी युग में अनुवाद की बदलती भूमिका को रेखांकित किया।तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ श्री अजयेंद्रनाथ त्रिवेदी, परामर्शदाता (राजभाषा एवं संचार), राष्ट्रीय होम्योपैथिक संस्थान, कोलकाता ने न्यूरल मशीन ट्रांसलेशन, एआई टूल्स, अनुवाद की तकनीकी चुनौतियों और मानवीय विवेक के सामंजस्य पर अत्यंत व्यावहारिक व तथ्यपरक व्याख्यान प्रस्तुत किया। व्याख्यान के उपरांत आयोजित 'खुला मंच' सत्र में प्रतिभागियों ने अनुवाद की जटिलताओं और डिजिटल समाधानों पर विशेषज्ञ से सीधी चर्चा की।समारोह के समापन चरण में मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने उत्कृष्ट राजभाषा कार्यान्वयन के लिए सदस्य संस्थाओं को 'राजभाषा प्रशस्ति फलक' तथा सभी प्रतिभागी अधिकारियों व प्रतिनिधियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।अंत में, उपमहाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री श्रीकांत गेडेला ने सभी उपस्थित मंडली के प्रति औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस सफल राजभाषा तकनीकी संगोष्ठी का गौरवपूर्ण समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ।नराकास दुर्गापुर के विभिन्न संस्थानों यथा- उप क्षेत्रीय कार्यालय, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, पंजाब नेशनल बैंक, पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय, सी एम ई आर आई, एन पी टी आई, एन एस पी सी एल, पावरग्रिड दुर्गापुर उपकेन्द्र, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र, मेकॉन, ग्रुप केंद्र, के.रि.पु.बल, सीआईएसएफ इकाई, शाखा विक्रय कार्यालय, डी एस पी (डी), सीआईएसएफ आदि के श्री जय प्रकाश झा, श्री आर. के. एल कर्ण, श्री अमिताभ मंडल, श्री वी. वीरान्ना, श्रीमती झरना राय श्री संदीप कुमार, श्री संदीप सेन, श्री राजू काली, श्री केसरी नंदन, श्री दिव्येन्दु कुमार सिन्हा, श्री रविकांत ओझा, श्री तुहिन कुमार चट्टराज, श्री प्रशांत कुमार तिवारी, श्री अतुल सिद्धार्थ आदि प्रतिनिधि भाग लिए।उक्त संगोष्ठी में डीवीसी, डीएसटीपीएस के विभिन्न अनुभागों के अनुभागाध्यक्ष/कार्यालय प्रधान/राजभाषा नोडल अधिकारी/ अधिकारी/कर्मचारी यथा- उपमहाप्रबंधक- श्रीमती सौमिता रॉय, श्री ऋषिकेश कुमार, एसके मोकार्रब हुसैन, वरिष्ठ प्रबंधक- श्री सुनिल गोराईं, श्री पार्थ मुखोपाध्याय, श्री नवीन निश्चल, श्री योगेश मिलन, श्री सौकत सरकार, श्री दिलीप कुमार, श्री सुधीर कुमार, मो. शमीम अहमद, श्री कौशिक मुखर्जी, प्रबंधक- संजीव रॉय, पतरस हाँसदा, सयानी भौमिक, राजीव कुमार सक्सेना, पंकज लोचन उप प्रबंधक श्री आतिश कुमार पांडा, सहित राजभाषा नोडल अधिकारी- श्री निलेश बिश्वास, श्री संजीब बराट, श्री अजय कुमार गुप्ता, श्री देबमाल्या साहा, श्रीमती अनुपमा तिवारी, जगदीश यादव, श्रीमती रीना यादव, मो. काशिफ रिजवी, श्री सुभाष कुमार, आशीष सैनी, मो. नसीम जावेद, श्री उदय साहा, सुश्री मोनालिसा नायक, श्रीमती जयंती मुखर्जी, श्री हरी शंकर कुमार हरी, श्री अनुराग कुमार, श्री रंजय कुमार, श्री बासुदेव चक्रवर्ती, श्री सुभाशीष दास, अशोक कुमार कपूर आदि अधिकाधिक संख्या में शामिल हुए ।


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